रोमैंटिक लोग कैंडल लाइट डिनर को खूब इन्जॉय करते हैं। लेकिन हाल ही में आई स्टडी के मुताबिक इससे लोगों के स्वास्थ्य के साथ पर्यावरण को भी खतरा है।
किसी भी कपल के लिए कैंडल लाइट डिनर एक बेहद रोमैंटिक अहसास होता है। जाहिर है, मौका मिलते ही कपल्स इस बेहतरीन अहसास को जी लेना चाहता है। लेकिन हाल ही में आई स्टडी के मुताबिक प्यार जताने का उनका यह अंदाज पर्यावरण के लिए तो नुकसानदेह है ही, साथ लोगों के लिए कैंसर का खतरा भी पैदा करता है। रिसर्च के मुताबिक कैंडल्स बनाने के लिए पैराफीन वैक्स का इस्तेमाल होता है। यानी की अगर आप किसी रूम में बैठकर इन्हें जलाते हैं, तो आप साफ तौर पर एयर पलूशन के जिम्मेदार हैं। इसके अलावा, कैंडल्स से निकलने वाले केमिकल टॉल्यून और बेंजल अगर एक निश्चित लेवल से ज्यादा हो जाए, तो यह कैंसर की वजह भी बन सकता है।
अमेरिकन केमिकल स सायटी की नैशनल मीटिंग में पेश की गई इस स्टडी में कहा गया है कि कैंडल लाइट डिनर के लिए बंद रूम की बजाय अच्छी वेंटिलेशन का अरेंजमेंट होना चाहिए। स्टडी से जुड़े एमिड हमीदी का मानना है कि कभी-कभार पैराफीन की कैंडल जलाने से कोई खतरा नहीं है, लेकिन रोजाना या फिर बहुत सारी कैंडल एक साथ जलाने से आपको नुकसान हो सकता है। यहां तक कि कुछ लोग अपने बाथ टब के चारों ओर भी कैंडल जलाते हैं। ऐसे लोगों को एलर्जी और बेचैनी की शिकायत भी हो जाती है।'
हमीदी बताते हैं, 'अगर आप पैराफीन वैक्स की बजाय थोड़ा महंगा आने वाला मधुमक्खी का वैक्स इस्तेमाल करें, तो यह एक सेफ ऑप्शन हो सकता है। मधुमक्खी के वैक्स से बनी मोमबत्ती हानिकारक केमिकल नहीं छोड़ती।' स्टडी के मुताबिक टोल्यून से नर्वस सिस्टम पर प्रभाव पड़ सकता है और प्रेग्नेंट वुमन को भी खतरा है। जबकि बेंजल से कैंसर होने का डर रहता है।
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